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टी.आर.पी घोटाले के केस के बाद टीवी रेटिंग एजेंसियों से कामकाज पर जारी सरकार

दिनांक: 05/11/2020



आज शाम प्लस.काम

इस वक्त की बड़ी खबर दिल्ली से आ रही है। सूचनाऔर प्रसारण मंत्रालय ने 2014 में मंत्रालय द्वारा अधिसूचित "भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों पर दिशानिर्देश" की समीक्षा के लिए आज एक समिति का गठन किया है।

भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) द्वारा जारी किए गए मौजूदा दिशानिर्देशों को एमआईबी और दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की सिफारिशों के द्वारा टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) पर गठित संसदीय समिति समिति के विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अधिसूचित किया गया है।

कुछ वर्षों के लिए दिशानिर्देशों के संचालन के आधार पर यह महसूस किया गया है कि विशेष रूप से भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई), तकनीकी प्रगति/निगरानी की हालिया सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देशों पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता है।

भारत में समय के साथ उभरे टेलीविजन रेटिंग प्रणाली के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति मौजूदा प्रणाली का मूल्यांकन करने के अलावा ट्राई की सिफारिशों को समय-समय पर अधिसूचित करने, समग्र उद्योग परिदृश्य और हितधारकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और मौजूदा दिशानिर्देशों में परिवर्तन, यदि कोई हो तो, इसके माध्यम से एक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह रेटिंग प्रणाली के लिए सिफारिशें करेगी।

समिति की संरचना निम्नानुसार होगी:-

I. श्री शशि एस वेम्पति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती- अध्यक्ष

II. डॉ. शलभ, सांख्यिकी प्रोफेसर, गणित और सांख्यिकी विभाग, आईआईटी, कानपुर- सदस्य

III. डॉ. राजकुमार उपाध्याय, कार्यकारी निदेशक, सी-डॉट- सदस्य

IV. प्रोफेसर पुलक घोष, निर्णय विज्ञान, सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी (सीपीपी) - सदस्य

समिति के लिए संदर्भ की शर्तें निम्नानुसार होंगी:

क. भारत में टेलीविजन रेटिंग सिस्टम के विषय पर विभिन्न मंचों द्वारा की गई पिछली सिफारिशों का अध्ययन करना और उनका आनुषांगिक समाधान;

ख. इस विषय पर दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की हाल की सिफारिशों का अध्ययन करना;

ग. क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सुझाव देना;

घ. वर्तमान में अधिसूचित दिशानिर्देशों की इस आशय के साथ समीक्षा कि क्या दिशा-निर्देश जारी करने के उद्देश्य समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और विभिन्न हितधारकों की जरूरतों को पूरा किया गया है, और यदि कोई कमी है, तो समिति द्वारा विशेष रूप से इसका समाधान निकाला जाएगा;

ङ. विषय से जुड़े कोई भी संबंधित अथवा आनुषांगिक मुद्दे;

च. भारत में मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह रेटिंग प्रणाली को आगे बढ़ने की सिफारिशें करना; तथा

छ. समय-समय पर एमआईबी द्वारा निर्दिष्ट कोई भी अन्य संबंधित मुद्दे।

समिति किसी भी विशेषज्ञ को विशेष आमंत्रित के रूप में आमंत्रित कर सकती है। समिति दो महीने के भीतर सूचना और प्रसारण मंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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