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पंजाब कांग्रेस में कलह जारी : जाखड़ की प्रधानी पर संकट, परगट सिंह भी निशाने पर

दिनांक: 14/06/2021



आज शाम प्लस

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ हुई बयानबाजी को लेकर आलाकमान सख्त है। कांग्रेस आलाकमान ने जाखड़ की प्रधानी छीनने का मन बना लिया है। जल्द ही इस कार्रवाई की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। विधायक परगट सिंह भी इस कार्रवाई की जद में आएंगे, क्योंकि उन्होंने भी बयानबाजी को लेकर कोई भी कसर बाकी नहीं रखी।

इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कई कांग्रेस नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की। यहां तक कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने इस मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक में इस्तीफा देने की पेशकश भी कर दी।



रविवार को राहुल गांधी से कमेटी के तीनों सदस्यों मल्लिकार्जुन खड़गे, पंजाब प्रभारी हरीश रावत और जेपी अग्रवाल ने मुलाकात की। इस दौरान सदस्यों को साफ संकेत दिए कि पंजाब में पार्टी अनुशासन तोड़ने वाले किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा। इस सियासी मुलाकात में यह तय हो गया है कि पार्टी की अंतर्कलह में पंजाब के प्रधान सुनील जाखड़ एक बार फिर अपनी कुर्सी गंवाएंगे।

कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ के शुक्रवार को दिए गए बयान के बाद इस बात की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि यदि उनके हटने से पंजाब में कांग्रेस मजबूत होती है तो वह इस बलिदान के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। आलाकमान की इस कार्रवाई की जद में पार्टी विधायक परगट सिंह भी आएंगे। उनके खिलाफ भी आलाकमान मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी पर कोई बड़ा फैसला ले सकता है।

जाखड़ को 2017 में गंवानी पड़ी थी नेता प्रतिपक्ष का पद
2017 में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा की खींचतान में भी सुनील जाखड़ को विपक्ष के नेता की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस समय पार्टी की कलह को खत्म करने के लिए प्रताप सिंह बाजवा को प्रधान पद से हटाकर कैप्टन को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था। इस मुहिम में सुनील जाखड़ को नेता प्रतिपक्ष का पद गंवाना पड़ा था।

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